सृजन- एक नई सोच का

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आशा अपनी कॉलोनी के पार्क में बैठी किताब पढ़ रही थी और सुहानी शाम का आनंद ले रही थी। पास ही निकुंज, उसका 7 वर्ष का बेटा, अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था। आशा बीच-बीच में किताब से नज़रें हटाकर निकुंज पर ध्यान देती फिर किताब पढने लगती। अचानक से उसके कंधे पर किसी … Read more सृजन- एक नई सोच का

मुझे मरने से पहले जीना नहीं छोड़ना ! I’m gonna Live till I die.

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# कहानी क्यूँ हम अपने दुःख के बारे में ज्यादा और खुशियों के बारे में कम बात करते हैं ? क्यूँ ये नहीं समझते कि मरने से पहले जीना नहीं छोड़ना चाहिये ?आस पास या चलते फिरते जहाँ भी देखो, दुनिया में दुखी और ग़मगीन चेहरे ज्यादा दिखाई देंगे, पर बिना वजह हल्की सी मुस्कराहट … Read more मुझे मरने से पहले जीना नहीं छोड़ना ! I’m gonna Live till I die.