दो ख्याल-एक प्रेरणादायक कविता

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नमस्कार दोस्तों। आज मैं आपलोगों के लिए एक कविता लेकर आई हूँ। ये कविता मेरे मन में उठे दो ख्यालों पर आधारित है। इसीलिए इस कविता का शीर्षक है- दो ख्याल। यह कविता आपको सोचने पर मजबूर कर देगी कि जीवन जीने का सही तरीका क्या है। साथ ही साथ आपको इसका समाधान भी मिल … Read more

तू मेरी बेटी नहीं बेटा है (you are my son, not my daughter)

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नहीं ! हरगिज़ नही। मै आपकी बेटी हूँ और बेटी ही कहलाना चाहती हूँ। मै आपका बेटा नही हूँ और ना ही आपका बेटा बनना चाहती हूँ। कयूँ बनूँ? कयूँ कहलाऊँ मै आपका बेटा? क्या मेरा अपना कोई अस्तित्व नहीं है? मेरी अपनी एक अलग पहचान है , वजूद है। जो भी काम मै कर रही … Read more